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कार्बाइड गन पर ग्वालियर में प्रतिबंध

ग्वालियर ब्रेकिंग, ग्वालियर में “कार्बाइड गन” का निर्माण, क्रय, विक्रय व उपयोग प्रतिबंधित, जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने धारा 163 के तहत जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश, बता दें ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में आए अब तक कुल 16 मरीज, कार्बाइड गन के उपयोग से हुए हैं हताहत, 8 मरीज बताए जा रहे हैं गंभीर, जिले में मरीजों की संख्या ज्यादा होने की डॉक्टर्स जता रहे हैं संभावना, अमूमन ऐसे हादसों के बाद अधिकांश मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं प्राइवेट अस्पताल, एंकर - ग्वालियर में गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप और कैल्शियम कार्बाइड से बनी “कार्बाइड गन” तथा इसी प्रकार के अन्य खतरनाक उपकरणों के निर्माण, क्रय, विक्रय, प्रदर्शन एवं इनके उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत इस आशय का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। दीपावली के दौरान अवैध रूप से कार्बाइड गन का निर्माण, क्रय, विक्रय एवं उपयोग की घटनाओं से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने पर आम नागरिकों के जान-माल, स्वास्थ्य व पर्यावरण की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी ने यह आदेश जारी किया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दण्डनीय होगा। गौरतलब है कि पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान अब तक ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में कुल 16 केस सामने आए हैं। इनमें 8 केस गंभीर किस्म के बताए जा रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या और गंभीर मामलों को देखते हुए गजराराजा मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर व जयारोग्य अस्पताल में नेत्र विभाग के प्रभारी डॉ डी के शाक्य ने ग्वालियर जिला प्रशासन से कार्बाइड गन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। हालांकि जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आज तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। ग्वालियर अंचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय समूह में लगभग आधा दर्जन मरीज इलाजरत हैं। इनमें महिला व पुरुष मरीज शामिल हैं। आपको बता दें कि 15 अक्टूबर को कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान शहर भ्रमण के दौरान एक "कार्बाइड गन" पकड़ी थी। इसके गुण - दोष जानने के बाद दीपावली से पहले कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती चौहान द्वारा पटाखों के निर्माण, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) का पालन कराने के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश (गाइडलाईन) जारी किए थे। बावजूद इसके दीपावली पर्व पर गैस लाइटर, प्लास्टिक पाईप और कैल्शियम कार्बाइड से बनी “कार्बाइड गन” से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाश में आए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है और जिले में कार्बाइड गन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला दण्डाधिकारी श्रीमती चौहान ने आदेश में जिक्र किया है कि कार्बाइड गन में उपयोग होने वाला कार्बाइड व पानी का मिश्रण एसिटिलीन गैस उत्पन्न करता है, जो आँखों के साथ-साथ दिमाग एवं नर्वस सिस्टम के लिए घातक होता है। प्रदेश के अन्य जिलों में कार्बाइड गन से लोगों की आँखों को घातक नुकसान पहुँचने के समाचार सामने आए हैं। भविष्य में कार्बाइड गन का उपयोग विवाह समारोह एवं अन्य आयोजनों में किए जाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया सकता। इसलिए कार्बाइड गन के निर्माण, क्रय, विक्रय, प्रदर्शन एवं इनके उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है। इसी कड़ी में जिला दंडाधिकारी ने अपने आदेश में उल्लेखित किया है कि अवैध रूप से कार्बाइड गन का निर्माण, क्रय, विक्रय एवं उपयोग की सूचना किसी व्यक्ति के पास हो तो वह यह सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम के फोन नं 0751-7049101029, 0751-2363636 व 0751-2445333 पर अवश्य दे। पुलिस अधीक्षक द्वारा ऐसी सूचनाओं के आधार पर प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन एवं संबंधित कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। (सोर्स : बाइट - ओम, घायल मरीज बाइट - कल्लू, घायल प्रमिला का पति बाइट - डॉ डी के शाक्य प्रोफेसर, जीआरएमसी एवं प्रभारी नेत्र विभाग जयारोग्य चिकित्सालय समूह, ग्वालियर बाइट - श्रीमती रुचिका चौहान, जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर ग्वालियर)