ध्रुपद केन्द्र की प्रस्तुति से हुई प्रातःकालीन सभा
ग्वालियर। तानसेन समारोह में बुधवार की प्रातःकालीन सभा की शुरुआत पारंपरिक ढंग से ध्रुपद केन्द्र ग्वालियर के आचार्यों और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ध्रुपद गायन से हुई। ध्रुपद गुरू श्री अभिजीत सुखदाणे के कुशल मार्गदर्शन में राग " अहीर भैरव " में अलापचारी के बाद धमार पेश किया। ध्रुपद रचना के बोल थे "चलो सखी बृजराज "। इसके बाद जलत सूल ताल में बंदिश " दुर्गे भवानी" की मनोहारी प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में श्री यखलेश बघेल और श्री अनुज प्रताप शामिल थे। पखावज पर श्री अनुज प्रताप ने संगत की। (हितेन्द्र सिंह भदौरिया पीआरओ तानसेन समारोह स्थल से)
