अर्जी वाले गणेश जी की महिमा अपरंपार ..
ग्वालियर। आज गणेश चतुर्थी है, इसी के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। देश भर में जगह जगह गणेश जी के दरबार सजाए हैं, जहां भक्त आगामी 10 दिन तक गणपति की आराधना करेंगे। लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक गणेश मंदिर ऐसा भी है जहां भक्त अपनी मनोकामना की अर्जी लगाते हैं, इसलिए इसे अर्जी वाले गणेश जी के मंदिर के नाम से जाना जाता है। ग्वालियर में शिंदे की छावनी स्थित अर्जी वाले गणेश जी का मंदिर लगभग 300 साल पुराना है, जो रियासत कालीन मंदिर है। अर्जी वाले गणेश मंदिर को लेकर भक्तों की मान्यता है कि यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना की अर्जी लगाता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। अमूमन यहां हर रोज भक्तों का तांता लगा रहता है। दूरदराज से लोग यहां आकर श्रीजी का आशीर्वाद लेते हैं। खास बात यह है कि इनमें सर्वाधिक कुंआरे भक्त शामिल होते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां अर्जी लगाने से शादी होने में आ रही बाधा दूर हो जाती है। ऐसे भक्तों में युवक युवतियां दोनों ही शामिल हैं। यही वजह है कि भक्त इन्हें अर्जी वाले गणेश मंदिर के नाम से संबोधित करते हैं। खैर गणेश आराधना का पर्व है गणेश चतुर्थी। लिहाजा भक्तों का जमावड़ा लगना लाजमी है। साथ ही भगवान गणेश शुभ के प्रतीक हैं और कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं जो अपने जीवन में शुभ का समावेश ना चाहता हो।
