बीसीआई ने वकीलों का विवरण भेजने की तारीख बढ़ाई, अब 30 सितंबर तक भेजी जा सकेगी जानकारी, वकीलों के प्रशिक्षण को लेकर मांगी गई है जानकारी
वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तलेगांवकर, ग्वालियर। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी प्रैक्टिसिंग अधिवक्ताओं के विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा 30 सितंबर तक कर दी है। कोरोना महामारी के चलते देश के अधिकांश अधिवक्ता संघ द्वारा जानकारी ना भेजे जाने के कारण इसकी समय सीमा बढ़ाई गई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने देश के सभी अधिवक्ता संघों के अध्यक्षों और सचिवों को ईमेल के माध्यम से 15 दिन में सभी पंजीकृत अधिवक्ताओं का विवरण सर्वोच्च न्यायालय की समिति द्वारा तय किए गए प्रारूप के अनुसार भेजने के लिए पत्र भेजा था। सभी संघों को यह विवरण अनिवार्य रूप से भेजना था । 24 जुलाई तक अधिकांश राज्य अधिवक्ता परिषद इस प्रकार की जानकारी नहीं दे सके। कोरोना महामारी के कारण लगातार लॉकडाउन होने के कारण यह जानकारी भेजी नहीं जा सकी। अधिवक्ताओं को कंप्यूटर अनुकूल बनाने की योजना दरअसल बार काउंसिल आफ इंडिया द्वारा सभी अधिवक्ताओं को प्रशिक्षित करने एवं उन्हें कंप्यूटर के अनुकूल बनाए जाने की सुप्रीम कोर्ट की इस समिति की योजना के तहत यह जानकारी मांगी गई थी। यह प्रशिक्षण एवं वरिष्ठ दोनों ही अधिवक्ताओं के लिए दिया जाना है। इस प्रशिक्षण से सभी अधिवक्ता नई तकनीक से लैस होने के साथ ही ई फाइलिंग वर्चुअल हियरिंग में निपुण हो सकेंगे, जोकि उनके कार्य में उपयोगी होगा। पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया है कि ज्ञान और प्रशिक्षण कभी भी नुकसान नहीं पहुंचाता, इसलिए यह योजना तैयार की गई है। बार काउंसिल द्वारा भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
यहां उल्लेखनीय है कि कुछ बार काउंसिल इस प्रकार के प्रशिक्षण पहले ही प्रारंभ कर चुके हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं जिससे कि स्टेट बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया के महत्वपूर्ण प्रस्तावों एवं परिपत्रों की जानकारी दी जा सके।
