सिंथेटिक दूध बनाने वाले कारोबारी को हाईकोर्ट ने दूसरी बार भी नहीं दी जमानत
ग्वालियर। सिंथेटिक दूध बनाए जाने के मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपी साधू सिंह राठौर के दूसरे जमानत आवेदन को भी खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि आरोपी का इससे पहले प्रथम अग्रिम जमानत आवेदन खारिज करते हुए उसे निर्देश दिए गए थे कि वह पुलिस के समक्ष समर्पण कर मामले की जांच में सहयोग करे, लेकिन आरोपी ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। इसलिए उसके आवेदन पर कोई विचार नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने शासकीय अधिवक्ता रिषिकेश दत्त मिश्रा द्वारा आरोपी के आवेदन का विरोध किए जाने के बाद आरोपी के आवेदन को खारिज कर दिया। आरोपी साधू सिंह राठौर के खिलाफ पुलिस थाना अंबाह जिला मुरैना में भादसं की धारा ४२०, २७२, २७३, १२० बी तथा फूट सेफ्टी एक्ट की धारा ५१ एवं ५९ के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले २२ अक्टूबर १९ को आरोपी साधु सिंह राठौर के जमानत आवेदन को उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उसके खिलाफ जो आरोप हैं वह गंभीर है और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस संबंध में जो सिद्धांत प्रतिपादित किया है उसे देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है। शासन द्वारा प्रस्तुत इस न्याय दृष्टांत में कहा गया है कि यदि तय मानकों के अनुसार खाद्य सामग्री नहीं है तो उसे मिलावटी मानकर शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली माना जाएगा। एेसे मामले में केवल सवाल होना चाहिए कि क्या मानकों का पालन किया गया है या नहीं। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत इस दृष्टांत के बाद न्यायालय ने आरोपी के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।
