ग्वालियर : छात्र नेता हरी सिंह -दर्शन सिंह के शहीद दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रम, छात्रों ने निकाला मशाल जुलूस और आयोजित की श्रद्धांजलि सभा
ग्वालियर। छात्र नेता हरी सिंह -दर्शन सिंह के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर शहर के राजनेता, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग एवं छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
गौरतलब है कि 9 अगस्त 1950 को ग्वालियर में एक बड़ा छात्र आंदोलन हुआ था। इस दौरान मोती महल स्थित तत्कालीन विधानसभा परिसर के पास जब प्रदर्शनकारी छात्र पहुंचे थे, तभी पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और फायरिंग कर दी थी। इस घटना में छात्र नेता हरी सिंह और दर्शन सिंह का गोली लगने से निधन हो गया था। इसके बाद छात्रों की मांग पर एमएलबी कॉलेज के खेल प्रांगण में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। जहां हर वर्ष नगर की छात्र आंदोलन संचालन समिति के तत्वाधान में दोनों छात्र नेताओं की शहीद दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में शनिवार को शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर मशाल जुलूस निकाला गया और रविवार को छात्र नेता हरी सिंह -दर्शन सिंह के एमएलबी कॉलेज प्रांगण स्थित प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व छात्र नेता विजय कृष्ण योगी व विशेष रूप से प्रदेश के पूर्व मंत्री ध्यानेंद्र सिंह ' मामा ' उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आरंभ में उपस्थित अतिथियों ने नम आंखों से दोनों शहीद छात्र नेताओं को श्रद्धांजलि देकर नमन किया। इस उपरांत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्व छात्र नेता विजय कृष्ण योगी ने शहीद छात्र नेता हरी सिंह और दर्शन सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला और उस वक्त पुलिस द्वारा की गई बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित प्रदेश के पूर्व मंत्री ध्यानेंद्र सिंह ' मामा ' ने कहा कि हरी सिंह -दर्शन सिंह की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे कार्यक्रम आवश्यक हैं, ताकि छात्रों की अगली पीढ़ी दोनों शहीद छात्र नेताओं के बारे में जान सके। इससे पहले छात्र आंदोलन संचालन समिति के संयोजक शिववीर सिंह भदौरिया ने शहीद छात्र नेता हरी सिंह -दर्शन सिंह की शहादत के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें छात्र राजनीति का प्राण प्रण से समर्पित नेता बताया। इस मौके पर पूर्व पार्षद देवेंद्र शर्मा, एमएलबी कॉलेज के प्राध्यापक, स्पोर्ट्स ऑफिसर, समिति से जुड़े श्याम सिंह चौहान, सुरजीत सिंह भदौरिया, इंद्रदेव सिंह कुशवाहा, सत्येंद्र सिंह तोमर, शैलेंद्र सिंह कुशवाह, ज्योदित्यराज सिंह भदौरिया भईयू, गजेन्द्र तिवारी आदि उपस्थित थे।